LBSM कॉलेज करनडीह में परीक्षा के दौरान बड़ा हादसा:

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करंट की चपेट में आकर छात्रा बेहोश, AISF ने उठाई सुरक्षा और मुआवजे की मांग

जमशेदपुर:
करनडीह स्थित लाल बहादुर शास्त्री मेमोरियल (LBSM) कॉलेज में रविवार को परीक्षा के दौरान एक बेहद गंभीर और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। परीक्षा कक्ष में परीक्षा दे रही एक छात्रा अचानक खुले या खराब पड़े बिजली के तार/उपकरण के संपर्क में आ गई, जिससे वह तेज करंट की चपेट में आकर मौके पर ही बेहोश हो गई। घटना के बाद परीक्षा केंद्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आनन-फानन में कॉलेज प्रशासन और साथी छात्रों की मदद से घायल छात्रा को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।

घटना के बाद AISF छात्र संगठन हुआ सक्रिय

घटना की खबर मिलते ही ‘ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन’ (AISF) के प्रतिनिधि और छात्र नेता तुरंत हरकत में आए। AISF के राज्य उपाध्यक्ष मुकेश रजक, कोल्हान सचिव रंजन यादव, कोल्हान अध्यक्ष राजू डेबो हो सामाड, और हरप्रीत सिंह समेत कई अन्य छात्र नेता व कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। छात्र नेताओं ने अस्पताल जाकर छात्रा के स्वास्थ्य का हाल जाना और कॉलेज परिसर का दौरा कर घटना के कारणों की जानकारी ली।

कॉलेज प्रबंधन के साथ वार्ता और मुआवजे पर सहमति

छात्रों की सुरक्षा में हुई इस बड़ी लापरवाही को लेकर AISF नेताओं ने कॉलेज प्रबंधन के समक्ष कड़ी आपत्ति जताई और गहरा रोष प्रकट किया। छात्र संगठन ने कॉलेज प्रशासन से छात्रा के समुचित और बेहतर इलाज का पूरा खर्च उठाने तथा पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता/मुआवजा देने की पुरजोर मांग रखी।

AISF और कॉलेज प्रबंधन के बीच हुई वार्ता के बाद प्रबंधन ने घटना की गंभीरता को स्वीकार किया और पीड़ित छात्रा को उचित मुआवजा व इलाज में पूरी सहायता देने पर सहमति जताई।

शिक्षण संस्थानों में सुरक्षा मानकों पर उठे सवाल

इस हादसे ने कॉलेज परिसरों में छात्रों की सुरक्षा और बुनियादी सुविधाओं के रख-रखाव पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना पर प्रतिक्रिया देते हुए AISF नेताओं ने कहा कि किसी भी शिक्षण संस्थान में पढ़ाई के साथ-साथ विद्यार्थियों की जान-माल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। परीक्षा के समय इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है।

AISF ने मांग उठाई है कि:

  1. सुरक्षा जांच: कॉलेज परिसर की पूरी बिजली व्यवस्था और अन्य सुरक्षा मानकों की नियमित व तकनीकी जांच (Safety Audit) कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसे दोबारा न हों।
  2. जवाबदेही तय हो: इस घटना की निष्पक्ष जांच की जाए और जिसकी भी लापरवाही से यह हादसा हुआ, उसकी जवाबदेही तय की जाए।
  3. बेहतर इलाज: घायल छात्रा को हर संभव उत्कृष्ट चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।

कॉलेज प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि परिसर की विद्युत व्यवस्था को जल्द दुरुस्त किया जाएगा ताकि छात्र-छात्राएं बिना किसी डर के अपनी पढ़ाई और परीक्षा पूरी कर सकें।

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