बोल बम’ के जयकारों से गूंजा हंसडीहा स्टेशन, बाबा धाम जाने वाले श्रद्धालुओं का महासैलाब

राजकीय श्रावणी मेला: हंसडीहा रेलवे स्टेशन पर उमड़ा शिवभक्तों का सैलाब, दूसरे सोमवार को देवघर में ऐतिहासिक भीड़ की उम्मीद
मुख्य आकर्षण:
- सावन के दूसरे सोमवार से पहले हंसडीहा रेलवे स्टेशन पर कांवरियों की भारी भीड़।
- ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयकारों से गुंजायमान हुआ पूरा स्टेशन परिसर।
- सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए रेलवे और स्थानीय प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद।
- बाबा बैद्यनाथ धाम (देवघर) में कल जलार्पण के लिए ऐतिहासिक सैलाब उमड़ने की संभावना।
झारखंड के विश्व प्रसिद्ध राजकीय श्रावणी मेले का उत्साह इन दिनों अपने चरम पर है। सावन का पवित्र महीना जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा है, शिवभक्तों की आस्था और उनका उत्साह दोगुना होता जा रहा है। इसी कड़ी में आज रविवार को हंसडीहा रेलवे स्टेशन पर शिवभक्तों का एक विशाल जत्था उमड़ पड़ा। स्टेशन पर कांवरियों के इस महासैलाब को देखकर यह साफ अंदाजा लगाया जा सकता है कि कल, यानी सावन के दूसरे सोमवार को देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक भीड़ जुटने वाली है।
भक्ति के रंग में रंगा हंसडीहा रेलवे स्टेशन
श्रावणी मेले के दूसरे सोमवार से ठीक पहले रविवार का दिन हंसडीहा रेलवे स्टेशन के लिए पूरी तरह से भक्तिमय रहा। सुबह से ही स्टेशन परिसर में गेरुआ वस्त्र धारण किए शिवभक्तों का तांता लगा रहा। जहाँ तक नजर जा रही थी, सिर्फ और सिर्फ बाबा के भक्त ही दिखाई दे रहे थे। पूरा स्टेशन परिसर ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के गगनभेदी जयकारों से गूंज उठा। दूर-दराज के राज्यों और शहरों से पहुंचे इन कांवरियों और शिवभक्तों के चेहरे पर यात्रा की थकान के बजाय गजब का उत्साह, आध्यात्मिक ऊर्जा और बाबा के दर्शन की ललक देखने को मिली।
आम बम से लेकर डाक बम तक, हर जुबान पर ‘बोल बम’
सावन के इस पावन मेले में हर वर्ग और हर उम्र के श्रद्धालु पहुँच रहे हैं। चाहे वे कंधे पर कांवर लेकर चलने वाले ‘आम बोल बम’ के भक्त हों या फिर 24 घंटे के भीतर दौड़कर जल चढ़ाने की कठिन साधना करने वाले ‘डाक बम’, हर किसी की जुबान पर बस एक ही गूंज है – ‘बोल बम’। हंसडीहा स्टेशन पर मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि बाबा भोलेनाथ की कृपा ही उन्हें इस कठिन यात्रा को पूरा करने की शक्ति देती है। स्टेशन पर उमड़ी इस असीम भीड़ को देखकर यह स्पष्ट आशंका जताई जा रही है कि कल देवघर में द्वादश ज्योतिर्लिंगों में से एक, कामना लिंग बाबा बैद्यनाथ पर जलार्पण के लिए लाखों की संख्या में भक्तों का ऐतिहासिक सैलाब उमड़ेगा।
रेलवे और स्थानीय प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्था
भक्तों की इस भारी और अप्रत्याशित भीड़ को संभालने तथा उनकी सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद नजर आया। हंसडीहा स्टेशन पर आरपीएफ (RPF) और जीआरपी (GRP) के जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है ताकि किसी भी तरह की भगदड़ की स्थिति न बने और श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से अपनी ट्रेनों में चढ़ और उतर सकें। इसके अलावा, स्टेशन परिसर में पीने के पानी, साफ-सफाई और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं का भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है। प्रशासन लगातार लाउडस्पीकर के माध्यम से यात्रियों को दिशा-निर्देश दे रहा है।
आस्था का महाकुंभ है श्रावणी मेला
झारखंड का यह राजकीय श्रावणी मेला केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह सनातन संस्कृति और अटूट आस्था का एक महाकुंभ है। पूरे एक महीने तक चलने वाले इस मेले में देश-विदेश से करोड़ों श्रद्धालु सुल्तानगंज से पवित्र गंगाजल लेकर 105 किलोमीटर की पैदल यात्रा करते हुए देवघर पहुंचते हैं। हंसडीहा इस यात्रा मार्ग का एक प्रमुख पड़ाव और पारगमन बिंदु (Transit point) है, जहां से लाखों श्रद्धालु बाबा की नगरी की ओर प्रस्थान करते हैं।
बोल बम के नारों के बीच बाबा की नगरी देवघर की ओर निरंतर बढ़ते इन भक्तों का उत्साह इस बात की गवाही दे रहा है कि बाबा बैद्यनाथ के प्रति उनकी आस्था समय और परिस्थितियों से परे, पूरी तरह अटूट है। कल सावन के दूसरे सोमवार का दिन देवघर के लिए बेहद खास होने वाला है, और प्रशासन से लेकर पंडा समाज तक सभी इस ‘महा-भीड़’ के स्वागत के लिए तैयार हैं।
