पाकुड़ पुलिस की बड़ी कार्रवाई: अवैध विदेशी शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, एक गिरफ्तार

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पाकुड़/झारखंड:
झारखंड के पाकुड़ जिले से अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ एक बड़ी और रणनीतिक सफलता सामने आई है। जिले के लिट्टीपाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत करणघाटी गांव में पुलिस ने एक बड़े अवैध विदेशी शराब निर्माण नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ग्रामीण इलाके की आड़ में लंबे समय से संचालित इस अवैध मिनी शराब फैक्ट्री में ब्रांडेड शराब के नाम पर नकली और जानलेवा शराब तैयार कर बाजार में खपाने का गोरखधंधा चल रहा था।

पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र के शराब तस्करों और अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।

गुप्त सूचना पर गठित हुई विशेष छापेमारी टीम (SIT)

मामले की पूरी जानकारी देते हुए पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पाकुड़ पुलिस अधीक्षक (SP) अनुदीप सिंह को लिट्टीपाड़ा क्षेत्र के करणघाटी गांव में अवैध रूप से नकली विदेशी शराब बनाए जाने की गुप्त और सटीक सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि गांव के ही कुछ लोग अपने निजी आवास और परिसर का इस्तेमाल नकली शराब की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग के लिए कर रहे हैं।

मामले की गंभीरता और सार्वजनिक स्वास्थ्य पर इसके खतरे को देखते हुए एसपी अनुदीप सिंह ने बिना समय गंवाए एक विशेष छापेमारी टीम (SIT) का गठन किया। इस टीम को त्वरित कार्रवाई करने और संदिग्ध स्थानों पर घेराबंदी कर छापेमारी करने का निर्देश दिया गया।

घर और झोपड़ी की आड़ में चल रहा था जहरीला कारोबार

एसआईटी (SIT) की टीम ने पूरी योजनाबद्ध तरीके से करणघाटी गांव स्थित आरोपी जितेन साहा और तारेश साहा के घर पर दबिश दी। जब पुलिस टीम ने मुख्य मकान और उसके पीछे बनी एक झोपड़ी की गहन तलाशी ली, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए।

पक्के मकान के पीछे बनी झोपड़ी को पूरी तरह से एक मिनी शराब असेंबलिंग यूनिट में बदल दिया गया था। वहां बड़े पैमाने पर स्प्रिट और केमिकल मिलाकर नामी ब्रांड्स की शराब तैयार की जा रही थी और उसे असली बोतलों में भरकर रैपर और सील लगाए जा रहे थे।

बरामद सामग्री: ब्रांडेड बोतलों से लेकर स्प्रिट तक का जखीरा

पुलिस की इस छापेमारी में अवैध शराब के निर्माण, रिफिलिंग और पैकेजिंग से जुड़ा भारी मात्रा में सामान जब्त किया गया है। बरामदगी सूची में निम्नलिखित सामग्रियां शामिल हैं:

ब्रांडेड खाली बोतलें: ‘रॉयल स्टेग’ (Royal Stag) जैसे नामी ब्रांड्स की सैकड़ों खाली बोतलें, जिन्हें धोकर दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा था।
रैपर और सील: बड़ी संख्या में नामी कंपनियों के नकली स्टिकर, क्यूआर/बारकोड वाले रैपर और ढक्कन बंद करने वाली सील।
प्लास्टिक ढक्कन: पैकेजिंग के लिए रखे गए 150 विशेष प्लास्टिक ढक्कन।
तैयार शराब: रिफिल कर पूरी तरह पैक की जा चुकी 20 बोतलें, जिन्हें बाजार में सप्लाई के लिए रखा गया था।
कच्चा माल (स्प्रिट): शराब तैयार करने में इस्तेमाल होने वाला लगभग 20 लीटर खतरनाक स्प्रिट/केमिकल।

एक आरोपी गिरफ्तार, मुख्य सरगना की तलाश में छापेमारी जारी

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से ही एक आरोपी तारेश साहा को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, पुलिस टीम की भनक मिलते ही दूसरा मुख्य आरोपी जितेन साहा मौके से भागने में सफल रहा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार आरोपी जितेन साहा की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार संभावित छापेमारी की जा रही है और बहुत जल्द वह भी पुलिस की गिरफ्त में होगा।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) और उत्पाद अधिनियम के तहत FIR दर्ज

(हानिकारक खाद्य या पेय की बिक्री) के साथ-साथ उत्पाद अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत लिट्टीपाड़ा थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

इस पूरे मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 274 (खाद्य या पेय में मिलावट) और धारा 275 (हानिकारक खाद्य या पेय की बिक्री) के साथ-साथ उत्पाद अधिनियम (Excise Act) की विभिन्न संगीन धाराओं के तहत लिट्टीपाड़ा थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

अवैध कारोबारियों को पुलिस की सख्त चेतावनी

पाकुड़ पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध शराब का निर्माण, मिलावट, भंडारण और तस्करी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस अधीक्षक के अनुसार, ऐसे अवैध धंधों से न केवल सरकार को राजस्व का नुकसान होता है, बल्कि आम नागरिकों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ खिलवाड़ होता है।

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि उनके आसपास कहीं भी इस तरह की अवैध गतिविधि या संदिग्ध सामान का निर्माण/सप्लाई दिखती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गुप्त रखी जाएगी। जिले में अवैध नशीले पदार्थों और शराब के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

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