गोड्डा में वन विभाग की बड़ी कार्रवाई: अवैध लकड़ी लदी पिकअप जब्त, ‘थाना मैनेज’ की चर्चा तेज

गोड्डा: गोड्डा-हंसडीहा मुख्य मार्ग पर बीती शाम अवैध इमारती लकड़ी की तस्करी का एक बड़ा मामला उजागर हुआ है। बिना नंबर प्लेट की एक पुरानी पिकअप गाड़ी में भारी मात्रा में अवैध गमार और अन्य कीमती लकड़ियां लादकर ले जाई जा रही थीं। गुप्त सूचना के आधार पर गाड़ी का पीछा कर उसे दबोचा गया, लेकिन इस पूरी कार्रवाई के बीच पुलिस की सुस्ती और वन विभाग की मुस्तैदी ने प्रशासनिक गलियारों में नई बहस छेड़ दी है।
फिल्मी अंदाज में पीछा कर रोका गया वाहन
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम लगभग 6:30 बजे हंसडीहा की तरफ से बिना नंबर की एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी काफी रफ्तार में गोड्डा की ओर भाग रही थी। सूचना मिलते ही कठोर निर्झर लाइन होटल के पास से गाड़ी का पीछा शुरू किया गया। काफी मशक्कत के बाद ईवीएम वेयरहाउस और कालीपीठ मोड़ के पास गाड़ी को ओवरटेक करके रोका गया।
शुरुआत में गाड़ी चालक आनाकानी करता रहा, लेकिन सख्ती से पूछने पर उसने कबूल किया कि वाहन में अवैध लकड़ी लोड है। जब गाड़ी पर बंधा त्रिपाल हटाया गया, तो उसके अंदर से भारी मात्रा में कीमती गमार की लकड़ियां बरामद हुईं।
‘थाना मैनेज है’ – बेखौफ तस्करों का सनसनीखेज दावा
पूछताछ के दौरान जब चालक से लकड़ी और गाड़ी के मालिक का नाम पूछा गया, तो उसने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, चालक ने बेबाकी से कहा, “थाना मैनेज है, हमारा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।”
चालक का यह दावा तब सच होता दिखा जब घटना की जानकारी तुरंत गोड्डा नगर थाना के एसआई रोहित यादव को दी गई। एसआई ने गश्ती गाड़ी भेजने का आश्वासन दिया, लेकिन 2 घंटे बीत जाने के बाद भी थाने से कोई जवान या पुलिस गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची।
DFO का कड़ा रुख, फॉरेस्टर ने 15 मिनट में निपटाया मामला
पुलिस की ढिलाई देखकर मामले की सीधी जानकारी वन प्रमंडल अधिकारी (DFO) को दी गई। DFO ने मामले की गंभीरता को समझते हुए तुरंत एक्शन का निर्देश दिया। उनके निर्देश पर पोड़ैयाहाट के फॉरेस्टर सुमन कुमार महज 15 मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत कार्रवाई करते हुए अवैध लकड़ी लदी पिकअप को जब्त किया और सीधे वन विभाग कार्यालय (फॉरेस्ट ऑफिस) ले गए।
उठ रहे कई गंभीर सवाल
वन विभाग की 15 मिनट की त्वरित कार्रवाई के सामने नगर थाना पुलिस का 2 घंटे तक ढुलमुल रवैया अब पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि क्या वाकई माफिया का ‘थाना मैनेज’ वाला दावा सही था या यह महज पुलिस की लापरवाही थी? फिलहाल वन विभाग ने गाड़ी को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि लकड़ी और गाड़ी के असली मालिक की तलाश जारी है।