रांची में छात्रों का उग्र प्रदर्शन: वार्ता बेनतीजा रहने के बाद ‘विधानसभा घेराव’ पर अड़े छात्र, पुलिस ने किया लाठीचार्ज और छोड़े आंसू गैस के गोले
रांची (झारखंड): राजधानी रांची में छात्र संगठनों का आंदोलन अब काफी उग्र मोड़ ले चुका है। राज्य सरकार के मंत्रियों की विशेष कमेटी और प्रदर्शन कर रहे छात्र प्रतिनिधियों के बीच रविवार को हुई तीन दौर की करीब 5 घंटे लंबी मैराथन वार्ता पूरी तरह बेनतीजा साबित हुई। बैठक में कोई ठोस समाधान न निकलने के कारण क्षुब्ध छात्र संगठनों ने पूर्व घोषित 10 अगस्त को ‘विधानसभा घेराव’ कार्यक्रम को हर हाल में आगे बढ़ाने का ऐलान कर दिया।

पुरानी विधानसभा पर जुटे हजारों छात्र, नई विधानसभा की ओर किया पैदल मार्च
सोमवार सुबह से ही आंदोलनकारी छात्र संगठनों की अपील पर राज्यभर से आए हजारों छात्र पुरानी विधानसभा परिसर के पास जुटना शुरू हो गए थे। छात्र नेताओं ने प्रदर्शनकारियों से किसी भी बहकावे में न आने और शांतिपूर्ण ढंग से अपनी मांगों को उठाने की अपील की थी। हाथों में तिरंगा लहराते और छात्र अधिकारों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए प्रदर्शनकारियों का हुजूम पुरानी विधानसभा से एकजुट होकर नई विधानसभा की ओर पैदल मार्च के रूप में आगे बढ़ा।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 500 मीटर के दायरे में लागू हुई बीएनएस धारा 163
छात्रों के भारी विरोध-प्रदर्शन और विधानसभा घेराव की घोषणा को देखते हुए रांची जिला प्रशासन और पुलिस महकमा पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया। नए विधानसभा परिसर की सुरक्षा के लिए चाक-चौबंद इंतजाम किए गए। नए विधानसभा परिसर के 500 मीटर के दायरे में (झारखंड उच्च न्यायालय क्षेत्र को छोड़कर) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 163 (पूर्व में धारा 144) लागू कर दी गई, जिसके तहत किसी भी तरह के सभा, जुलूस या 5 से अधिक व्यक्तियों के एकत्र होने पर प्रतिबंध लगा दिया गया।
कटीले तार, बैरिकेडिंग, लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले
प्रदर्शनकारी छात्रों को नई विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने रास्ते में मजबूत बैरिकेड्स और कटीले तारों (Barbed Wires) की बाड़ लगा रखी थी। लेकिन आक्रोशित छात्रों के हुजूम ने सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश की और कुछ जगहों पर रास्ते में लगाए गए कटीले तारों को ही उठाकर हटा दिया।
स्थिति को अनियंत्रित होते देख पुलिस को प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए हल्का लाठीचार्ज करना पड़ा और आंसू गैस के गोले दागने पड़े। लाठीचार्ज और आंसू गैस के धुएं के बाद थोड़ी देर के लिए मौके पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, इसके तुरंत बाद छात्रों का अनोखा प्रदर्शन भी देखने को मिला, जहां वे पुलिसिया कार्रवाई के बाद सड़क पर म्यूजिक बजाकर डांस करते नजर आए।
क्यों आंदोलित हैं झारखंड के छात्र?
झारखंड के छात्र संगठन लंबे समय से राज्य में रुकी हुई भर्ती प्रक्रियाओं, परीक्षा धांधलियों, नियुक्ति नीतियों में सुधार और स्थानीय युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा को लेकर सड़कों पर हैं। रविवार को मंत्रियों के साथ हुई लंबी वार्ता में जब छात्रों की मुख्य मांगों पर सहमति नहीं बन सकी, तो छात्रों ने आंदोलन को और तेज करने का फैसला किया। छात्र नेताओं का स्पष्ट कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित में स्पष्ट और ठोस निर्णय नहीं लेती, तब तक उनका यह विरोध-प्रदर्शन जारी रहेगा।